फियर्स क्लचेस ऑफ वक्फ’ (Fierce Clutches of Waqf) भारत के संविधान और लोकतंल पर वक्फ कानूनों के गहरे प्रभाव की पड़ताल करती है। भारत की समृद्ध सांस्कृतिक पृष्ठभूमि के संदर्भ में, यह पुस्तक उजागर करती है कि कैसे स्वतेलता के बाद कांग्रेस की नीतियों ने मुस्लिम तुष्टिकरण को बढ़ावा दिया, जिसका वक्फ अधिनियम एक प्रमुख उदाहरण है। यह पुस्तक 1954, 1995 और 2013 में हुए संशोधनों का विश्लेषण करते हुए यह दर्शाती है कि कैसे इन कानूनों ने भूमि स्वामित्व को जटिल बना दिया है, और कई बार तो ये सुप्रीम कोर्ट के फैसलों पर भी भारी पड़ जाते हैं। वक्फ अधिनियम केवल भूमि प्रबंधन तक सीमित नहीं है; यह भारत की संप्रभुता और न्यायपालिका के लिए एक गंभीर खतरा है। एक बार जब कोई जमीन वक्फ बोर्ड के अधीन आ जाती है, तो उसे वापस पाना लगभग असंभव होता है, फिर भी अधिकांश भारतीय इस वास्तविकता से अनजान हैं। यह पुस्तक जनता को वक्फ कानूनों और राजनीतिक भ्रष्टाचार के चिंताजनक परिणामों के बारे में जागरूक करने का प्रयास करती है और पाठकों से न्याय एवं देशभक्ति की रक्षा करने का आग्रह करती है
Waqf Ke Khatarnaak Shikanje || Prasun Maitra || वक़्फ़ के ख़ौफ़नाक शिकंजे: हिंदू संपत्तियों को जब्त करने की गहरी साजिश || प्रसून मैत्र
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| Weight | 1 kg |
|---|---|
| Dimensions | 20 × 12 × 3 cm |
| Author Name | |
| Binding | Hardcover |
| Product Language | Hindi |
| Publisher | |
| Publishing Year | 2024 |
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